Chandigarh.

पंजाब में काँग्रेस की सरकार हैं और मुखिया थें पटियाला के आखिरी महाराजा यादविंद्र सिंह और मोहिंदर कौर के बेटे व भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी जिन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध में भी हिस्सा लिया. वे सेना की सिख रेजीमेंट में कैप्टन रैंक के अधिकारी थे इसलिये उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम से जाना जाता हैं. कैप्टन पंजाब में दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और इसी वर्ष जुलाई में जब काँग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब के संघटन में नवजोत सिंह सिध्धू को अध्यक्ष बनाया तबसे ही पंजाब की राजनीति में नाट्कीय घटनाक्रम शुरू हो गया. नवजोत सिंह सिद्धू ने ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ा जब उन्होंने अपनी ही सरकार में मुख्यमंत्री और उनकी नीतियों की आलोचना न कि हो.
बीते दिन यानि 17 सितंबर को जब ये निश्चय हुआ कि कांग्रेस विधायकों की बैठक होने जा रही हैं और आलाकमान की और से अजय माकन और हरीश चौधरी को पर्यवेक्षक बना कर चंडीगढ़ भेजा हैं तबसे ही ये सुगबुगाहट शुरू हो गई कि क्या कैप्टन इस्तीफ़ा देंगे या सिद्धू को नये नेता के रूप में चुना जाएगा. बताया जाता हैं कि काँग्रेस विधायक दल की बैठक इसलिए बुलाई थी क्योंकि सिद्धू पक्ष के 40 से ज्यादा MLA ने आलाकमान से कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाखुश होकर शिकायत की थीं इसी बीच मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राजभवन पहुँच कर अपना इस्तीफा राज्यपाल श्री बनवारी लाल पुरोहित को सौंप सबको चौंका दिया.

अपमानित व शर्मिंदा महसूस कर रहें थे कैप्टन


मीडिया से बात करते हुए कैप्टन ने ये भी कहा कि उनको तीन-तीन बार दिल्ली बुलाया गया और उनके नेतृत्व क्षमताओं पर सवालिया निशान लगाया गया जिससे वे काफी शर्मिंदगी महसूस कर रहे थे उन्होंने कहा कि अब वे राजनीतिक अवसरों को अच्छे से जानते हैं और समय आने पर फैसला भी लेंगे.

कैप्टन ने क्यों कहा ‘अगर सिद्धू को बनाया मुख्यमंत्री तो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा

कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए बयानों से दूर थे परंतु अब जैसे ही इस्तीफ़ा दिया उसके बाद से ही हमलावर हो गए और कहा कि सिद्धू अक्षम (incompetent) थे वे टाइम पर काम नहीं करते थें इसलिए उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया था साथ ही कहा कि वे सिद्धू को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहते. कैप्टन कहते हैं कि पंजाब में अगर नवजोत सिंह सिद्धू को अगर मुख्यमंत्री बनाया जाता हैं तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा को बहुत बड़ा ख़तरा हैं क्योंकि सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के दोस्त हैं औऱ पाक के सेना प्रमुख बाजवा को गले लगा चुके हैं. कैप्टन का कहना हैं कि पंजाब की बड़ी सीमा पाकिस्तान की सीमा से मिलती हैं जिससे देश की सुरक्षा को बहुत बड़ा ख़तरा होगा और वो ऐसा नहीं होने देंगे.

कौन होगा पंजाब का अगला मुख्यमंत्री?

अब सम्भावना जताई जा रही हैं कि पंजाब में सुनील जाखड़ जो कि पंजाब काँग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके पर आलाकमान के साथ ही आम सहमति बन सकती हैं.

इस्तीफ़ा देकर काँग्रेस की चुनावी रफ़्तार रोक गए कप्तान, अकालियों और आम आदमी पार्टी की राह आसान कर दी

आगामी दिनों में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और काँग्रेस के पुराने व प्रमुख चेहरा माने जाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद काँग्रेस का चुनावी सफर आसान नहीं होगा और अकाली दल के लिए व पंजाब में नई राजनीतिक जमीं तलाश रही आम आदमी पार्टी ‘आप’ के लिए ये ख़बर जरूर राहत भरी हैं. खबरें ये भी हैं कि कैप्टन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क़रीबी होना भी नई इबारतें लिखी जा सकती हैं.

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